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Showing posts from April, 2020

शिक्षा में मनोविज्ञान

शिक्षा मनोविज्ञान

सांख्य दर्शन का परिचय

सांख्य दर्शन भारतीय षड़ दर्शनों में से एक दर्शन भारतीय दर्शन के छः प्रकारों में से सांख्य भी एक है जो प्राचीनकाल में अत्यंत लोकप्रिय तथा प्रथित हुआ था। यह अद्वैत वेदान्त से सर्वथा विपरीत मान्यताएँ रखने वाला दर्शनहै। इसकी स्थापना करने वाले मूल व्यक्ति कपिल कहे जाते हैं। 'सांख्य' का शाब्दिक अर्थ है - 'संख्या सम्बंधी' या विश्लेषण। इसकी सबसे प्रमुख धारणा सृष्टि के प्रकृति-पुरुष से बनी होने की है, यहाँ प्रकृति (यानि पंचमहाभूतों से बनी) जड़ है और पुरुष (यानि जीवात्मा) चेतन। योग शास्त्रों के ऊर्जा स्रोत (ईडा-पिंगला), शाक्तों के शिव-शक्ति के सिद्धांत इसके समानान्तर दीखते हैं। भारतीय संस्कृति में किसी समय सांख्य दर्शन का अत्यंत ऊँचा स्थान था। देश के उदात्त मस्तिष्क सांख्य की विचार पद्धति से सोचते थे। महाभारतकार ने यहाँ तक कहा है कि ज्ञानं च लोके यदिहास्ति किंचित् सांख्यागतं तच्च महन्महात्मन् (शांति पर्व 301.109)। वस्तुत: महाभारत में दार्शनिक विचारों की जो पृष्ठभूमि है, उसमें सांख्यशास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान है। शान्ति पर्व के कई स्थलों पर सांख्य दर्शन के ...

लिव व्यगोत्सकी का परिचय

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लिव सिमनोविच वाइगोत्सकी  ( रूसी  :  Лев Семёнович Вы́готский or Выго́тский , जन्मनाम: Лев Симхович Выгодский ; 1896 - 1934)  सोवियत संघ  के मनोवैज्ञानिक थे तथा  वाइगोत्स्की मण्डल  के नेता थे। उन्होने मानव के सांस्कृतिक तथा जैव-सामाजिक विकास का सिद्धान्त दिया जिसे  सांस्कृतिक-ऐतिहासिक मनोविज्ञान  कहा जाता है। लिव वाइगोत्सकी (Lev Vygotsky) जन्म 19 नवम्बर 1896   ओरशा ,  रूसी साम्राज्य , अब यह  बेलारुस  है। मृत्यु जून 11, 1934 (उम्र 37) मॉस्को ,  सोवियत संघ क्षेत्र मनोविज्ञान शिक्षा मास्को विश्वविद्यालय Shaniavskii Moscow City People's University उल्लेखनीय शिष्य Alexander Luria प्रसिद्धि Cultural-historical psychology ,  Zone of proximal development प्रभाव Wilhelm von Humboldt ,  Alexander Potebnia ,  Alfred Adler ,  Kurt Koffka ,  Kurt Lewin ,  Max Wertheimer ,  Wolfgang Köhler ,  Kurt Goldstein प्रभावित Vygotsky Circle ,  Evald Ilyenkov ,  Jean Piaget ,...

मार्क्स के आर्थिक विकास के सिद्धांत

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कार्ल मार्क्स की आर्थिक विकास सिद्धांत | Read this article in Hindi to learn about:- 1. कार्ल मार्क्स सिद्धांत की प्रस्तावना (Introduction to Karl Marx Theory) 2. कार्ल मार्क्स सिद्धांत की इतिहास का भौतिकवादी विश्लेषण (Materialistic Interpretation of History of Karl Marx Theory) and Other Details. Contents: कार्ल मार्क्स सिद्धांत की प्रस्तावना (Introduction to Karl Marx Theory) कार्ल मार्क्स सिद्धांत की इतिहास का भौतिकवादी विश्लेषण (Materialistic Interpretation of History of Karl Marx Theory) मार्क्स की प्रणाली: सरल पुनरुत्पादन (Marx’ System: Simple Reproduction) कार्ल मार्क्स सिद्धांत के वृद्धि एवं संकट (Growth and Crisis of Karl Marx Theory) कार्ल मार्क्स सिद्धांत की सीमाएँ (Limitation of Karl Marx Theory) 1. कार्ल मार्क्स सिद्धांत की  प्रस्तावना  (Introduction to Karl Marx Theory): कार्ल मार्क्स का जन्म 1818 में ट्रायर में हुआ । उन्होंने बोन विश्वविद्यालय तथा बर्लिन विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया तथा जेना से डाकरेक्ट की उपाधि प्राप्त की । 1843 में वह पेर...

काल मार्क्स

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कार्ल मार्क्स  (1818 - 1883) जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार, राजनीतिक सिद्धांतकार, समाजशास्त्री, पत्रकार और वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे। इनका पूरा नाम कार्ल हेनरिख मार्क्स इनका जन्म 5 मई 1818 को त्रेवेस (प्रशा) के एक  यहूदी  परिवार में हुआ। 1824 में इनके परिवार ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया। 17 वर्ष की अवस्था में मार्क्स ने कानून का अध्ययन करने के लिए  बॉन विश्वविद्यालय जर्मनी  में प्रवेश लिया। तत्पश्चात्‌ उन्होंने बर्लिन और जेना विश्वविद्यालयों में साहित्य, इतिहास और दर्शन का अध्ययन किया। इसी काल में वह  हीगेल  के दर्शन से बहुत प्रभावित हुए। 1839-41 में उन्होंने  दिमॉक्रितस  और  एपीक्यूरस  के प्राकृतिक दर्शन पर शोध-प्रबंध लिखकर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। कार्ल मार्क्स मार्क्स का 1875 में लिया गया चित्र जन्म कार्ल हेनरिख मार्क्स 5 मई 1818 त्रिएर ,  प्रशिया मृत्यु 14 मार्च 1883 (उम्र 64) लंदन ,  ब्रिटेन धार्मिक मान्यता ईसाई ; बाद में धर्म त्याग दिया ( नास्तिक ) जीवनसाथी जेनी वेस्टफेलन हस...